श्री सी.के. मिश्रा, सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने नई दिल्ली के निर्माण भवन में 29 सितंबर, 2017 को भारत में दवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए, भारतीय भेषजसंहिता के आठवे संस्करण, आईपी -2018 का विमोचन किया।

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 श्री सी.के. मिश्रा, सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने नई दिल्ली के निर्माण भवन में 29 सितंबर, 2017 को भारत में दवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए, भारतीय भेषजसंहिता के आठवे संस्करण, आईपी -2018 का विमोचन किया।

 

सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय श्री सी.के. मिश्रा, डॉ. आर.के.  वत्स, अतिरिक्त सचिव और महानिदेशक (सीजीएचएस) स्वा. एवं परि. क. मंत्रा., डा. जगदीश प्रसाद, डीजी, डीजीएचएस,  स्वा. एवं परि. क. मंत्रा.,  डॉ. जी.एन. सिंह, सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक, आईपीसी एवं अन्य  गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में भारतीय भेषजसंहिता 2018 का विमोचन करते हुएश्री सी.के. मिश्रा, सचिव, स्वा. एवं परि. क. मंत्रा. ने भारतीय भेषजसंहिता आयोग (आईपीसी) और वैज्ञानिक मंडल के विशेषज्ञ सदस्यों, आईपीसी कर्मचारियों तथा विभिन्न अन्य पेशेवरों और संगठनों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में दवाओं के तेजी से बदलते मानकों के साथ तालमेल रखने के लिए, भारतीय भेषजसंहिता के नए संस्करण को प्रकाशित करना आवश्यक था।

 

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से भारतीय भेषजसंहिता आयोग (आई.पी.सी.) द्वारा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के नियमों के तहत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भारतीय भेषजसंहिता (आईपी -2018) का आठवां संस्करण प्रकाशित किया गया है। इस अवसर पर डॉ. जी.एन. सिंह, सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक, आईपीसी ने आईपी -2018 की विभिन्न प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डाला और कहा कि विश्लेषणात्मक तरीकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत तरीकों के अनुरूप बनाने की आवश्यकता को पूरा करने के लिए, आईपी -2018 में दवा मानकों की निगरानी और उन्नयन के लिए कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि नियमित आधार पर आईपी का प्रकाशन आईपीसी का एक महत्वपूर्ण जनादेश है और इसका उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य में सुधार करना है।

 

इस भेषजसंहिता में दिए गए मानक अधिकृत हैं एवं कानूनी तौर पर लागू करने योग्य हैं तथा दवाओं के विनिर्माण, निरीक्षण और वितरण के लाइसेंसिंग में मदद करने का उद्देश्य रखते हैं।आईपी-2018 को चार खंडों में प्रकाशित किया गया है जिसमें 220 नए मोनोग्राफ[रासायनिक मोनोग्राफ (170), हर्बल मोनोग्राफ (15), रक्त एवं रक्त संबंधी उत्पाद मोनोग्राफ (10), मानव उपयोग के लिए टीके और इम्युनोसरा मोनोग्राफ (02), रेडियो औषधि मोनोग्राफ (03), जैव प्रौद्योगिकी व्युत्पन्न चिकित्सीय उत्पाद मोनोग्राफ (06), पशु चिकित्सा मोनोग्राफ (14)], 366 संशोधित मोनोग्राफ तथा 7 विलोपन सम्मिलित हैं । राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इस्तेमाल की जाने वाली नई दवाओं और दवाओं के मानक भी इसमें सम्मिलित हैं।

53 नए फ़िक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन (एफडीसी) के संयोजन मोनोग्राफ को सम्मिलित किया गया है, जिसमें से 25 एफडीसी मोनोग्राफ किसी भी भेषजसंहिता में उपलब्ध नहीं हैं।उम्मीद है कि यह संस्करण दवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा जो बदले में सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देगा और फार्मा सेक्टर के विकास और उत्थान को गति प्रदान करेगा।

 

आईपी 2018 की प्रेस विज्ञप्ति (261KB, )

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