अवलोकन

विश्व स्तर पर, आधुनिक औषधीय दवाओं के लिए हर्बल दवाइयों को एक महत्वपूर्ण विकल्प माना गया है। हर्बल दवाइयां मानवता द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य देखभाल आवश्यकताओं के लिए अति प्राचीन काल से उपयोग की गई हैं। विकासशील देशों की 80% आबादी विभिन्न रोगों के उपचार के लिए हर्बल दवाओं का उपयोग करती है। भारत औषधीय जड़ी-बूटियों के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है और इसे दुनिया का वनस्पति उद्यान कहा जाता है। पादप औषधियों की खोज और विकास के लिए कुछ आवश्यक अपूर्ण चिकित्सा आवश्यकताएं हैं। हालांकि, हर्बल दवाइयां समाज में बहुत लोकप्रिय हैं, लेकिन कुछ ही औषधीय जड़ी बूटियों का चिकित्सा उपचार में उनकी क्षमता के लिए वैज्ञानिक रूप से मूल्यांकन किया गया है। ज्यादातर देशों में, हर्बल औषधियाँ अपर्याप्त रूप से नियंत्रित हैं और अक्सर न तो पंजीकृत हैं और न ही स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा नियंत्रित हैं।। पादप औषधियों के लिए विनियामक आवश्यकताओं को भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा अधिसूचित किया गया था, जिसमें सिंथेटिक, रासायनिक दवाइयों के समान हदों पर गुणवत्ता, सुरक्षा, और हर्बल दवा की प्रभावकारिता पर वैज्ञानिक आंकड़े शामिल हैं। पादप औषधियों को किसी भी बीमारी या विकार के निदान, उपचार, शमन या रोकथाम के लिए मनुष्य या जानवरों के आंतरिक या बाहरी उपयोग के लिए, एक औषधीय पौधे या उसके हिस्से के निष्कर्ष की न्यूनतम चार जैव-सक्रिय या फाइटोकेमिकल यौगिकों (गुणात्मक और मात्रात्मक मूल्यांकन) के साथ शुद्ध और मानकीकृत अंश के रूप में परिभाषित किया गया है, लेकिन इसमें पैरेन्टेरल रूट द्वारा प्रशासन शामिल नहीं है। पादप औषधियों के लिए पहचान, प्रमाणीकरण, तथा निष्कर्षण में प्रयुक्त पौधे के स्त्रोत, पृथक्किकरण, स्थिरता आदि पर बहुत ज़ोर दिया जाता है।

उद्देश्य और लक्ष्य:

मोनोग्राफ विकास: हर्बल दवाओं के लगातार बढ़ते उपयोग और हर्बल दवाओं के बाजार के वैश्विक विस्तार के साथ, लोगों के स्वास्थ्य के लिए गुणवत्ता और सुरक्षा एक प्रमुख चिंता बन गई है। हर्बल दवाओं की गुणवत्ता का उनकी सुरक्षा और प्रभावकारिता पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इस प्रकार, गुणवत्ता मानकों को विनियमित करने के लिए, भारतीय भेषजसंहिता के हर्बल मोनोग्राफ में विभिन्न पहचान और परिमाणन प्रक्रियाओं का उल्लेख किया गया है।

 आईपी ​​में हर्बल दवाओं के मोनोग्राफ में कच्चे जड़ी बूटियाँ, संसाधित जड़ी-बूटियाँ, हर्बल पदार्थ, हर्बल सामग्री, और हर्बल उत्पाद को सम्मिलित किया गया है जिनमें पौधों के कुछ हिस्से, या पौधों की सामग्रियाँ या उनके संयोजन सक्रिय सामग्री के रूप में होते हैं। आईपी के एक जड़ी बूटी के विशिष्ट मोनोग्राफ में शीर्षक, समानार्थी शब्द यदि हैं, परिभाषा, सक्रिय संभाग/मार्कर यौगिकों की सीमा, वर्णन, श्रेणी, पहचान, रासायनिक परीक्षण, मार्कर के घटकों की परख, संदूषक, विशिष्ट परीक्षण, भंडारण की स्थिति आदि का विवरण होता है। मोनोग्राफ को प्रलेखित गुणवत्ता विशेषताओं तथा हितधारकों से प्राप्त सुझाव/ प्रतिक्रिया के आधार पर आईपी में शामिल किया गया है। आईपीसी ने अब तक हर्बल दवाओं के क्षेत्र में विभिन्न हितधारकों से प्रशंसा प्राप्त की है, आईपीसी ने 150 हर्बल मोनोग्राफ प्रकाशित किए हैं और आईपी -2018 के अगले संस्करण के लिए 15 हर्बल मोनोग्राफ तैयार किए जा रहें हैं। प्रति वर्ष उनकी संख्या में लगभग 10% वृद्धि होगी। आईपी ​​में शामिल इन मोनोग्राफ को विश्व स्तर पर स्वीकार्यता प्राप्त हुई है और इनमें से कुछ मोनोग्राफ अब अन्य देशों की भेषजसंहिता में बदलाव के साथ या बिना बदलाव के प्रकाशित किए जा रहें हैं। इसको देखते हुए आईपीसी कोईडीक्यूएम में और ईपी में एक पर्यवेक्षक का दर्जा भी प्राप्त हुआ है। 

phytopharmaceuticals chart image

 आई.पी.आर.एस. विकास: पादप औषधि विभाग का अगला महत्वपूर्ण उद्देश्य नवीन बीआरएस (वानस्पतिक संदर्भ पदार्थ) और पीआरएस (फाइटोकेमिकल संदर्भ पदार्थ) विकसित करना है। आने वाले वर्षों में हर्बल औषधियों के विस्तार के संदर्भ में बीआरएस और पीआरएस मांग काफी बढ़ने की संभावना है।। वानस्पतिक संदर्भ पदार्थ एक मानक है जिसकी वानस्पतिक पहचान और वास्तविकता दोनों जीनस और प्रजाति के स्तर पर अच्छी तरह से स्थापित की गई है। क्योंकि बीआरएस और पीआरएस गुणवत्ता नियंत्रण कर्मियों और वैज्ञानिकों को मैक्रोस्स्कोपिक, माइक्रोस्कोपिक, एचपीटीएलसी या अन्य प्रयोगशाला पद्धतियों के माध्यम से वनस्पति नमूनों की प्रामाणिकता की पुष्टि करने के लिए सक्षम करते हैं, ये सामग्रियाँ सभी वनस्पति प्रजातियों के प्रयोगशाला परीक्षण के लिए एक आवश्यकता है।

  कौशल विकास: विश्लेषणात्मक प्रशिक्षण, पादपऔषधि विभाग का एक और महत्वपूर्ण पहलू है। इस संबंध में विभिन्न विश्लेषकों, फार्मेसी छात्रों, रिसर्च विद्वानों और विदेशी प्रतिनिधियों के लिए भौतिक रासायनिक मापदंडों के मूल्यांकन तथा एचपीएलसी, एचपीटीएलसी एवं जीसी द्वारा हर्बल्स औषधियों के परीक्षण पर विभिन्न प्रशिक्षण का आयोजन किया गया था। विभिन्न क्षेत्रों में अंडर-ग्रेजुएट्स, ग्रेजुएट्स, पोस्ट-ग्रेजुएट आदि को लक्षित करने के लिए उद्योग विशिष्ट डिप्लोमा / सर्टिफिकेट कोर्स प्रस्तावित हैं। अकादमिक और औद्योगिक जनों के लिए निकट भविष्य में एक विशिष्ट अवधि का (3 महीने या 6 महीने) उद्योग विशिष्ट डिप्लोमा / सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम शुरू किया जा सकता है।

  औषधि परीक्षण: नवीन औषधि नमूने (एनडीएस) और हितधारकों तथा नियामक प्राधिकरण से प्राप्त सर्वेक्षण नमूनों का विश्लेषण, जिसमें विशिष्ट मार्कर, हेवी मेटल, अपमिश्रक और अन्य गुणात्मक और मात्रात्मक मापदंडों की पहचान शामिल है।

  आई.पी. जागरूकता: हर्बल पुस्तिका और बीआरएस / पीआरएस के बारे में कार्यशाला / सेमिनार / सम्मेलनों के आयोजन के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से आईपी में हर्बल मोनोग्राफ के महत्व के बारे में "हितधारकों" का संवेदीकरण।

उन्नत स्तर आर एंड डी प्रयोगशाला: निकट भविष्य में, एक उन्नत स्तर प्राकृतिक उत्पाद / पादपऔषधि प्रयोगशाला स्थापित की जा सकती है। प्रयोगशाला में पहचान, लक्षण वर्णन और मानकीकरण, पीआरएस के संश्लेषण और हर्बल दवा या नमूनों के औषधीय मूल्यांकन शामिल होंगे। इस प्रयोगशाला का उपयोग पीआरएस की खोज और विकास के लिए एक मंच के साथ-साथ नवीन हर्बल अणुओं की खोज के लिए किया जाएगा, जो हर्बल दवा के विकास के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला अंतर्राष्ट्रीय स्तर की और भारत की सबसे अच्छी प्राकृतिक उत्पाद प्रयोगशाला में से एक होगी जिसमें इस क्षेत्र के प्रमुख मानव संसाधन व्यक्ति होंगे ।

डीएनए बार कोडन: डीएनए बार-कोडिंग के माध्यम से हर्बल दवाओं की आणविक पहचान। डीएनए बार कोडिंग पृथ्वी के विशाल और बदलते जैव विविधता की फेहरिस्त और प्रबंधन से जुड़े वर्गीकरण विज्ञानियों के लिए एक महत्वपूर्ण नया उपकरण बन गया है। पादप डीएनए बारकोड कई अनुप्रयोगों जैसे पारिस्थितिक फोरेंसिक, व्यापारिक सामग्री की पहचान, पहचान का दायित्व लेना जहां उपलब्ध वर्गीकरण विज्ञानियों की कमी है एवं कुछ पादप समूहों में प्रजातियों की खोज में सहायता के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा।

 सहयोगी परियोजना: नवीन हर्बल औषधि उम्मीदवार से सम्बन्धित विश्लेषणात्मक, स्थिरता और औषधीय अनुसंधान परियोजनाओं पर हर्बल औषधि निर्माताओं या अनुसंधान संगठनों के सहयोग से जांच की जा सकती है।

दक्षताएँ:

 हर्बल दवा की माइक्रो और मैक्रोस्कोपिक पहचान

 क्रोमैटोग्राफिक फिंगरप्रिंटिंग: एचपीएलसी, एचपीटीएलसी, आईआर, जीसी, मास इत्यादि।

 यूवी, जीसी, एचपीएलसी और एचपीटीएलसी द्वारा परख

 निष्कर्षण योग्य पदार्थों का आकलन

 कुल भस्म, एसिड अघुलनशील भस्म और पानी में घुलनशील भस्म मान का आकलन

 शुष्कन ह्रास का आकलन

 सूजन सूचकांक का आकलन

 अपवर्तक सूचकांक का आकलन

 फ्लैश मान का आकलन

 सापेक्ष घनत्व का आकलन

 ऑप्टिकल रोटेशन का आकलन

 एसिड और साबुन मूल्य का आकलन

 कड़वाहट मान का आकलन

 दूषित पदार्थों और मिलावट का आकलन

 विदेशी कार्बनिक पदार्थ का आकलन

 भारी धातुओं का आकलन

 माइक्रोबियल लोड परीक्षण

 अन्य मोनोग्राफ विशिष्ट मूल्यांकन

उपलब्ध सुविधाएँ:

क्रम. सं.

उपलब्ध उपकरण

1

अर्ध स्वचालित एचपीएलसी (एटीएस 5, सीएएमएजी)

2

एचपीएलसी- ग्रेडिएन्ट मोड ऑटो सैंपलर, पीडीए डिटेक्टर के सहित, (एजीलेंट)

3

माइक्रोबैलेंस (6 दशमलव अंक तक)

4

इन्वरटेड माइक्रोस्कोप- फ्लोरोसेंट फिल्टर के साथ (निकॉन)

5

घूमने वाला वाष्पित्र (रोटावैपर)

6

शेकर के साथ वाटर- बाथ, तापमान नियंत्रित

7

वोर्टेक्स मिक्सर

8

पी एच मीटर

9

अल्ट्रासोनिक बाथ

10

रेफ्रिजेरेटेड सेन्ट्रिफ़्यूज

11

आसुत जल असेंबली

12

जेल इलेक्ट्रोफ़ोरेसिस प्रणाली

13

वर्टिकल डीप रेफ्रिजरेटर (-80o C )

14

पीसीआर थर्मल साइक्लर

15

इनक्यूबेटर

16

यूवी विज़ुअलाइज़र

17

रासायनिक फ्यूम हुड

 

लोग

वैज्ञानिक कर्मचारी :

  1. डॉ जय प्रकाश वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक अधिकारी

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  1. डॉ. शशि भूषण वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी

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  1. सुश्री रितु तिवारीतकनीकी सहयोगी

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